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कैसे करें

L0 फ़िंगरप्रिंट स्कैनर की जगह L1 लेना: ख़रीदने और बदलने की चेकलिस्ट

ToolsBharat टीमप्रकाशित 30 अक्टूबर 2026 · अपडेट 31 अक्टूबर 20267 मिनटहमारा तरीका

झटपट जवाब

UIDAI के L0 सनसेट (30 जून 2025, या सर्टिफ़िकेट की मियाद अगर पहले हो) के बाद Aadhaar ऑथेंटिकेशन में L1 स्कैनर चाहिए। ख़रीदने से पहले UIDAI की L1 सूची में मॉडल और PDC वैधता देखें, पक्का करें कि आपका CSC, AePS या बैंक एप्लिकेशन वह ब्रांड सपोर्ट करता है, और पहले साल का RD सब्सक्रिप्शन पूछें। Startek में L0 की बची वैधता L1 पर ट्रांसफ़र हो सकती है।

इसे बदलना क्यों ज़रूरी है

UIDAI के 16 अप्रैल 2025 के पत्र में L0 फ़िंगरप्रिंट रजिस्टर्ड डिवाइस का सनसेट 30 जून 2025, या Public Device Certificate की वैधता, जो भी पहले हो, तय किया गया था। L0 स्कैनर — जैसे Mantra MFS100, सादा Morpho MSO 1300 E3 या सादा Startek FM220U — पर अब Aadhaar ऑथेंटिकेशन के लिए भरोसा नहीं किया जा सकता, और कोई ड्राइवर या "कन्वर्टर" उसका लेवल नहीं बदल सकता। पूरी पृष्ठभूमि हमारी L0 बनाम L1 गाइड में है। यह गाइड इस बारे में है कि क्या ख़रीदें और कम से कम रुकावट के साथ कैसे बदलें।

स्टेप 1: सिर्फ़ UIDAI की मौजूदा L1 सूची वाले मॉडल चुनें

UIDAI *List of UIDAI Certified Biometric Authentication Fingerprint L1 Registered Devices* प्रकाशित करता है (लिंक नीचे है)। 30 अक्टूबर 2026 को हमने जो वर्ज़न पढ़ा, उसमें ग्यारह मॉडल थे, हर एक के साथ PDC validity की तारीख — यानी STQC से जारी Public Device Certificate कब तक वैध है:

  • Smart Chip (IDEMIA/Morpho) MSO1300E3 L1 — 13.08.2027
  • Access Computech FM220UL1 — 14.03.2028
  • Mantra MFS110 — 02.10.2028
  • Access Computech AST300 — 28.08.2026
  • Precision Biometric PB1000 — 28.08.2026
  • Mantra MARC 11 — 13.06.2027
  • Linkwell Telesystems V400 — 20.08.2027
  • Linkwell Telesystems V600 — 12.06.2028
  • Aqtronics AFS100 — 17.09.2028
  • Evolute Fintech EFINNBFPSL1 — 17.09.2028
  • Mantra MFS210 — 12.10.2028

इनमें से दो तारीखें (AST300 और PB1000) हमारी जाँच के समय निकल चुकी थीं। इससे यह साबित नहीं होता कि डिवाइस बंद हो गए — हो सकता है मेकर ने सर्टिफ़िकेट रिन्यू करा लिया हो — पर पैसे देने से पहले विक्रेता से लिखित में पूछने वाली बात यही है। सूची के नोट में UIDAI कहता है कि STQC से जारी सर्टिफ़िकेट की कॉपी वेंडर से माँगी जा सकती है। किसी की भेजी कॉपी पर भरोसा करने के बजाय हमेशा uidai.gov.in पर लाइव PDF खोलें।

स्टेप 2: स्कैनर को अपने एप्लिकेशन और PC से मिलाएँ

  • एप्लिकेशन सपोर्ट: आपके CSC, AePS, बैंक या eKYC एप्लिकेशन में उस ब्रांड की RD सर्विस जुड़ी होनी चाहिए। अपने एप्लिकेशन प्रोवाइडर से पूछें कि वे कौन-से L1 मॉडल सपोर्ट करते हैं। उदाहरण के लिए IDEMIA, rdserviceonline.com पर APP-RD compatibility list देता है, और उसका FAQ कहता है कि वहाँ से ख़रीदा डिवाइस किसी एप्लिकेशन में तभी चलेगा जब प्रोवाइडर ने IDEMIA L1 RD सर्विस जोड़ी हो।
  • ऑपरेटिंग सिस्टम: UIDAI की सूची बताती है कि हर मॉडल किन प्लेटफ़ॉर्म (Windows, Android, Linux आदि) के लिए प्रमाणित है। देखें कि आपका प्लेटफ़ॉर्म उसमें है।
  • Windows वर्ज़न: IDEMIA, Windows 10 और नए (32- और 64-बिट) सपोर्ट करता है; Mantra, MFS110 के लिए Windows 10 और ऊपर बताता है; Access Computech 32-बिट और 64-बिट के अलग ड्राइवर देती है।

स्टेप 3: समझें कि पहले साल में क्या शामिल है

डिवाइस की क़ीमत और RD सब्सक्रिप्शन अलग चीज़ें हैं। Mantra के MFS110 और MARC11 प्रोडक्ट पेज कहते हैं कि एक साल का RD सर्विस सब्सक्रिप्शन शामिल है और रिन्यूअल के पैसे लगते हैं; MFS210 के पेज पर शर्तें नहीं लिखीं। Access Computech और IDEMIA अपनी साइट पर प्रति डिवाइस रिन्यूअल बेचते हैं। विक्रेता से पूछें कि शामिल सब्सक्रिप्शन कितने समय का है और किस तारीख से गिना जाएगा, और इनवॉइस संभालकर रखें — हर रिन्यूअल में सीरियल नंबर लगेगा। मौजूदा रिन्यूअल दरें हमारी RD वैधता और रिन्यूअल गाइड में हैं।

स्टेप 4: Startek वाले — बची हुई वैधता ट्रांसफ़र करें

Access Computech एक Transfer validity फ़ॉर्म देती है, जो पुराने L0 डिवाइस का सब्सक्रिप्शन नए L1 डिवाइस में ले जाता है। फ़ॉर्म में लिखी शर्तें:

  • पुराने L0 डिवाइस की वैधता 2 महीने से ज़्यादा बची हो;
  • ACPL के रिकॉर्ड में पुराना सीरियल L0 और नया सीरियल भेजा गया (dispatched) L1 डिवाइस हो;
  • कोई भी डिवाइस blocked न हो, और नए L1 पर पहले से lifetime प्लान न हो;
  • हर सीरियल लेबल की फ़ोटो अपलोड करनी होती है (JPG या PNG, 100 KB तक)।

ACPL का रिन्यूअल पेज यह भी कहता है कि जिनकी L0 डिवाइस पर RD सर्विस चालू है, उनकी वैधता नए L1 डिवाइस में ट्रांसफ़र कर दी जाएगी।

स्टेप 5: सही क्रम में बदलें

  1. Settings → Apps से पुरानी L0 RD सर्विस और ड्राइवर अनइंस्टॉल करें, फिर रीस्टार्ट करें।
  2. नए मॉडल का ड्राइवर और RD सर्विस सिर्फ़ मेकर की साइट से डाउनलोड करें — Mantra, Morpho या Startek।
  3. पहले ड्राइवर, फिर RD सर्विस इंस्टॉल करें, दोनों Run as administrator से।
  4. इंटरनेट चालू रखकर स्कैनर जोड़ें, उसे रजिस्टर होने दें, और मेकर के टूल में कैप्चर टेस्ट करें।
  5. यह सब ज़रूरत से एक दिन पहले करें: Mantra की एरर शीट के अनुसार नए रजिस्टर हुए डिवाइस को UIDAI के सर्वर पर दिखने में 5 से 24 घंटे लग सकते हैं।

ख़रीदते समय इन बातों से सावधान रहें

  • "L0 से L1 कन्वर्ज़न सॉफ़्टवेयर" या "अपग्रेड की" — UIDAI की सूची में हार्डवेयर मॉडल के नाम हैं; सॉफ़्टवेयर मॉडल नहीं बदल सकता।
  • ऐसा विक्रेता जो लेबल पर छपा सही मॉडल न बता सके, या ऐसा मॉडल बताए जो UIDAI की सूची में नहीं है।
  • मेकर की साइट के बजाय Google Drive या WhatsApp से डाउनलोड।

सवाल-जवाब

UIDAI की सूची में कौन-से L1 फ़िंगरप्रिंट स्कैनर हैं?

30 अक्टूबर 2026 को हमने जो सूची पढ़ी उसमें MSO1300E3 L1, FM220UL1, MFS110, AST300, PB1000, MARC 11, V400, V600, AFS100, EFINNBFPSL1 और MFS210 थे। हमेशा uidai.gov.in पर लाइव PDF देखें।

UIDAI की सूची में PDC validity क्या है?

यह उस मॉडल के STQC से जारी Public Device Certificate की वैधता की तारीख है। तारीख निकल चुकी हो, तो ख़रीदने से पहले मेकर से लिखित में पूछें कि सर्टिफ़िकेट रिन्यू हुआ या नहीं।

क्या मैं अपना Startek L0 सब्सक्रिप्शन नए L1 डिवाइस में ले जा सकता हूँ?

हाँ, Access Computech के Transfer validity फ़ॉर्म से, अगर पुराने डिवाइस की 2 महीने से ज़्यादा वैधता बची हो, कोई डिवाइस blocked न हो और आप दोनों सीरियल लेबल की फ़ोटो अपलोड करें।

ये जानकारी कहाँ से ली गई

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